YouTube Trending Videos

Download Now

Jyotishgher Veda App

2024 Sankat Nashan Stotram & Chalisha

Personalized Chant

"बारह मुखी रुद्राक्ष – 12 Mukhi Rudraksha"

"बारह मुखी रुद्राक्ष पर भगवान सूर्य का आशीर्वाद होता है जिससे इस रुद्राक्ष को धारण करने से व्‍यक्‍ति को जीवन में सफलता और तेज मिलता है। स्‍वामी ग्रह सूर्य ईष्‍ट देवता सूर्य देव राशि सिंह राशि मंत्र ऊं रों शों नम: ॐ नमः"


"12 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे – 12 mukhi rudraksha benefits in Hindi
12 मुखी रुद्राक्ष को पहनने से सूर्य का बुरा प्रभाव कम होता है और सूर्य से संबंधित क्षेत्रों में लाभ मिलता है।
इस रुद्राक्ष के प्रभाव से व्‍यक्‍ति शक्‍तिशाली और निडर बनता है।
यदि आत्‍मविश्‍वास कम है तो इसे बढाने के लिए आप 12 मुखी रुद्राक्ष को पहन सकते हैं।
मानसिक, शारीरिक और भावनात्‍मक रूप से मजबूती इस रुद्राक्ष के प्रभाव से मिल सकती है।
यह रुद्राक्ष दूसरों पर निर्भरता को कम करता है।
तनाव, चिंता और क्रोध को शांत करने में मदद करता है।
पाचन तंत्र की क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए 12 मुखी रुद्राक्ष पहना जा सकता है।
वात और कफ से संंबंधित रोगों को शांत करने में यह रुद्राक्ष सहायक है।
बारह मुखी रुद्राक्ष का पहनने वाला भगवान सूर्य के आशीर्वाद से ऊर्जावान, शानदार, दीप्तिमान और मजबूत बन जाता है।
यह भी माना जाता है कि यह रुद्राक्ष “12 ज्योतिर्लिंग” के साथ-साथ “आदित्य” यानी भगवान सूर्य के बारह रूपों का प्रतिनिधित्व करता है।
इस रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति की सभी चिंताएं, भय और संदेह कम हो जाते हैं।
कोई भी व्यक्ति जो बारह मुखी रुद्राक्ष पहनता है, वह खुशहाल, स्वस्थ और धनवान जीवन जीने में सक्षम हो जाता है।
बारह मुखी रुद्राक्ष के स्वास्थ्य को लाभ
प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार, 12 मुखी रुद्राक्ष अस्थि रोगों, रिकेट्स, ऑस्टियोपोरोसिस, मानसिक विकलांगता, चिंता आदि जैसे रोगों के इलाज के लिए चिकित्सकीय रूप से फायदेमंद है।

महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे इस रुद्राक्ष को पहनें क्योंकि उन्हें हड्डियों की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार, इस रुद्राक्ष को कुंडली में ग्रह सूर्य के प्रतिकूल स्थान के कारण होने वाली बीमारियों में उपाय के रूप में माना जाता है, जैसे कि राइट आई, हड्डियों, मानसिक चिंता, बुजुर्गों और दिल की बीमारियों के साथ।"


"12 मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह
यह रुद्राक्ष पहनने वाले के चारों ओर एक शक्तिशाली आभा उत्पन्न करने में मदद करता है और सूर्य के नकारात्मक प्रभाव नियंत्रित होते हैं। जिन लोगों को एक वास्तविक मुखी मनका नहीं मिल सकता है, वे इसे 12 मुखी मनके के साथ स्थानापन्न कर सकते हैं, क्योंकि इन दोनों मोतियों का बहुत समान प्रभाव पड़ता है।

12 मुखी रुद्राक्ष की धारण विधि – 12 mukhi rudraksha dharan karne ki vidhi
रविवार के दिन लाल धागे में बारह मुखी रुद्राक्ष को धारण किया जाता है। रविवार की सुबह स्‍नान के बाद ईश्‍वर का स्‍मरण कर इस रुद्राक्ष को पहन सकते हैं।

कहां से लें
JYOTISHGHER.IN" 

Disclaimer(DMCA guidelines)

Please note Vedic solutions,remedies,mantra & Planetry positions are mentioned by Ancient Sages in Veda and it is same everywhere hence no one have sole proprietorship on these.Any one free to use the content.We have compiled the contents from different Indian scripture, consisting of the Rig Veda, Sama Veda, Yajur Veda, and Atharva Veda, which codified the ideas and practices of Vedic religion and laid down the basis of classical Hinduism with the sources,books,websites and blogs so that everyone can know the vedic science. If you have any issues with the content on this website do let us write on care.jyotishgher@gmail.com.