Tooth cavity
Poor Oral Hygiene:?
Not brushing your teeth regularly allows plaque to build up and attack the tooth enamel.
Plaque Formation:? Plaque is caused when bacteria, acid, food particles, and saliva all combine in your mouth. This plaque adheres to your teeth and builds up over time. The acid in plaque attacks the enamel of your tooth and eventually can cause holes in your teeth, otherwise known as cavities.
Dry Mouth:?
Saliva helps wash plaque from the teeth. If you have a dry mouth with very little saliva, plaque may build up more quickly.
Eating and Drinking:?
This is where it all begins. Since we all have to eat and drink to live, there’s no way to avoid this, but it does play a significant role in the formation of cavities. When you eat or drink, carbohydrates remain on your teeth until you brush. Even after brushing, you may not be able to remove all food particles or carbohydrates from your teeth. Foods that tend to cling to your teeth can increase your risk for a tooth cavity. Be sure to brush your teeth regularly, especially after drinking milk or soda, or after eating dried fruit, dry cereal, hard candy, caramel, taffy, raisins, sugary cereals, cookies and breath mints.
Bacteria and Acid: ?
While most people don’t like to think about it, bacteria naturally live in your mouth. When these bacteria digest the carbohydrates that linger on your teeth and in your mouth, acid forms.
Medical Problems:?
can contribute to a tooth cavity by causing acid from your stomach to flow back into your mouth. Similarly, bulimia increases the risk of a tooth cavity when the teeth are exposed to stomach acid during frequent vomiting. In addition, some types of cancer treatment that expose the head and neck to radiation can promote a tooth cavity by changing the makeup of the saliva to promote increased bacterial growth.
Best Home Remedy in Hindi
दांतों की कैविटी
दांतों की कैविटी
दांतों में छेद होने को वैज्ञानिक भाषा में दन्त क्षय या कैविटी कहते है। मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया (लार, खाद्य कणों एवं अन्य पदार्थों के साथ) दांतों कि सतह पर जमा होने लगते हैं जिसे प्लॉक कहा जाता है। प्लॉक में मौजूद बैक्टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं जिससे कैविटी का निर्माण होता है। कैविटी से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय हैं।
1.लौंग
लौंग कैविटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की दांतों से जुडी समस्याओं के लिए रामबाण होता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्जेसिक और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण लौंग दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। समस्या होने पर 1/4 चम्मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग के तेल की मिलाकर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले कॉटन बॉल में लेकर प्रभावित दांत में लगाये।
2.आंवला
आंवला जैसी जड़ी-बूटी भी कैविटी के इलाज में मददगार होती है। इसमें भरपूर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C के कारण यह बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। यह मसूड़ों के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसके अलावा, यह मुंह को साफ करने और बदबूदार सांस से छुटकारा पाने में आपकी मदद करता है। नियमित रूप से ताजा आंवला खाये। यह आधा गिलास पानी के साथ आधा चम्मच आंवला पाउडर नियमित रूप से लें।
3.नीम
नीम भी कैविटी के इलाज के लिए एक अन्य लोकप्रिय उपाय है। इसकी एंटी-बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। दांतों और मसूड़ों पर नीम के पत्तों के रस रगड़ें, कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस उपाय को दिन में एक या दो बार करें। इसके अलावा आप नीम की स्टिक (दातुन) का इस्तेमाल दांतों में ब्रश करने के लिए भी कर सकते हैं।
4.नमक
नमक में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह कैविटी के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह दर्द और सूजन को कम करने, किसी भी प्रकार के संक्रमण और मुंह में बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। इसके लिए एक चम्मच नमक को गर्म पानी में मिला लें। फिर इस पानी को मुंह में कुल्ला करें। समस्या के दूर होने तक इस उपाय को दिन में तीन बार करें। इसके अलावा, आधा चम्मच नमक, थोड़ा सा सरसों का तेल और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट से कुछ मिनटों तक मसूड़ों पर मसाज करें। बैक्टीरिया को मारने के लिए इस उपाय को कुछ दिन तक दिन में दो बार करें।
5.हल्दी
आयुर्वेद में, हल्दी को कैविटी दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्वस्थ रखने के साथ बैक्टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ी सा हल्दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्छे से कुल्ला कर लें।
6.लहसुन
एंटी बैक्टीरियल के साथ-साथ एंटीबायोटिग गुणों से समृद्ध होने के कारण, लहसुन दांतों के टूटने और कैविटी की समस्या को दूर करने में मदद करता है। यह दर्द से राहत देने और स्वस्थ मसूड़ों और दांतों के लिए भी अच्छा होता है। 3 से 4 लहसुन की कली को कुचलकर और 1/4 चम्मच सेंधा नमक मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसे संक्रमित दांत पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। कैविटी को कम करने के लिए इस उपाय को कुछ दिनों तक दिन में दो बार करें।
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