According to diseases, Yogasana
1. Analogy for Illumination
This posture is best for those who have a breath problem. Anelom-inverse posture increases the ability of the lung oxygen to take, resulting in more oxygen to the body cells. Apart from asthma, it is very beneficial for diseases like Asan Allergy, Cynitis, Najla-Sukhao.
2. Meditation for diarrhea
Meditation i.e. meditation This method is spreading not only in our country, but also abroad. In today's run of day-to-day running, the pressure of work, etc. 2 in 5 people are suffering from mental stress, that is, depression. It is the best option to get rid of meditation. Meditation brings spiritual peace At the same time, work force also increases with concentration of mind.
3. respiration for high blood pressure
Shawana and Asana, Shavasana made by the combination of two words is the only posture which people of all ages can do, but for patients of high blood pressure, this seat is not less than boon. With this, this seat relieves the problems of stress and insomnia.
Best Home Remedy in Hindi
बिमारियों के अनुसार योगासन
बिमारियों के अनुसार योगासन
योग के माध्यम से सिर्फ बीमारियों से ही मुक्ति नहीं मिलती बल्कि मानसिकता से जुड़ी परेशानियां भी दूर की जा सकती है हालांकि इस मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं लेकिन जो फायदा हमें योग से मिल सकता हैं, वह अन्य किसी विकल्प से नहीं।
चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है कि योग शारीरिक व मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है। योग व मेडिटेशन में कमर दर्द, अार्थराइटिस, इम्यून सिस्टम, अस्थमा, ब्लड शुगर, हाई ब्लड प्रैशर, कोलेस्ट्रोल जैसे बड़ी परेशानियों को बिना दवा दूर करने की पूर्ण क्षमता है।
1.दमे के लिए अनुलोम-विलोम
यह आसन उन लोगों के लिए सबसे उत्तम है, जिन्हें सांस संबंधी कोई समस्या है। अनुलोम-विलोम आसन करने से फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है, जिससे शरीर की कोशिकाओं को अधिक ऑक्सीजन मिलने लगती हैं। दमा के अलावा यह आसन एलर्जी, साइनोसाइटिस, नजला-जुकाम जैसे रोगों के लिए बहुत फायदेमंद है।
2.डिप्रैशन के लिए मेडिटेशन
मेडिटेशन यानी की ध्यान लगाना। यह पद्धति सिर्फ हमारे देश में ही नहीं, विदेशों में भी खूब तेजी से फैल रही है। दिनभर की भागदौड़, काम के प्रैशर आदि से आज 5 में 2 व्यक्ति मानसिक तनाव यानी डिप्रैशन का शिकार है। इससे मुक्ति पाने का सबसे बेहतर विकल्प है ध्यान लगाना। मेडिटेशन से आत्मिक शांति मिलती हैं। वहीं, मन की एकाग्रता के साथ कार्य शक्ति भी बढ़ती है।
3.हाई ब्लड प्रैशर के लिए शवासन
शव और आसन, दो शब्दों के योग से बना शवासन एक मात्र ऐसा आसन है, जिसे हर आयुवर्ग के लोग कर सकते हैं लेकिन हाई ब्लड प्रैशर के रोगियों के लिए यह आसन वरदान से कम नहीं है। इसी के साथ यह आसन तनाव व अनिद्रा जैसी समस्याएं भी दूर करता है।
4.शरीर को लचीला बनाए हलासन
शरीर का लचीलापन रीढ़ की हड्डी पर निर्भर होता है। रीढ़ की हड्डी लचीली होगी तो शरीर अपने आप फलैक्सिबल होगा। हलासन करने से रीढ की हड्डी सदा जवान बनी रहती है। इसके अलावा इस आसन के नियमित अभ्यास से कब्ज, थायराइड का अल्प विकास, समय से पहले बुढ़ापा, दमा, कफ, रक्तविकार आदि रोग दूर होते हैं लेकिन ध्यान रहें कि रीढ संबंधी व गले में कोई गंभीर रोग होने की स्थिति में यह आसन ना करें।
5.साइटिका व पाचन तंत्र के लिए वज्रासन
भरपेट खाना खाने के तुरंत बाद सोने या टीवी देखने से पाचन संबंधी परेशानी होना आम है। अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद वज्रासन करें तो आपको डाइजेशन की परेशानी नहीं होगी। यह आसन साइटिका रोगियों के लिए उत्तम है। कमर से संबंधित किसी एक भी नस में सूजन आने से पूरे पैर में असहनीय दर्द होने लगता है, इसी समस्या को साइटिका कहते हैं। इसके अलावा मासिक धर्म अनियमितता, रीढ़ की हड्डी मजबूत, गैस, कब्ज व अपच संबंधी परेशानियों के लिए भी यह आसन फायदेमंद है।
* ध्यान रखेंः योग आपको तभी फायदा देंगे जब आप उन्हें उचित समय व सही तरीके से करेंगे। इसे योग चिकित्सक की सही परामर्श से ही करें तो बेहतर है।
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