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आयुर्वेदिक औषधि के गुण

How to do🪶🪶

 

1. Delirium Cinnamon is a sweet hug in the taste. It is hot, deep, digestive, mitral, coughing, pillar properties and herbs. It reduces the restlessness of the mind, improves liver function and enhances memory. 2.Address Ginger is hot and hot in temper, and is hot and strong. Ginger is digestive, saracic, agitator, painkiller, aphrodisiac and delicious. Destroy gas and phlegm. The calorie value of ginger is 67. 3.Leaflet There are spicy and versatile little leaves which can make a simple dish such as umpma or poha, too delicious. Kadhi leaves have special effects on food and its distinctive flavor and are a major part of Indian food. Stripe leaves are also used in making chutney and powders which we use with rice, dosa and idli etc. 4. Daughter Coriander leaves are like a powerful natural cleaning element. It is effectively used to clean heavy metals and toxic elements from the body. Coriander is used to treat allergies, burning of bladder (irritation while passing urinary bladder) and to treat skin-related allergic inflammation. This improves life force and reduces pain. Fertility and abundance of vitamins A, B and C, it increases nutritional value when used in its food. Increased digestibility of food


	 
 

आयुर्वेदिक औषधि के गुण जड़ी-बूटियां अपने सुगन्धित या औषधीय गुणों के लिए भोजन, स्वाद, दवा या सुगंध के लिए इस्तेमाल होती हैं। व्यंजन संबंधी उपयोग आम तौर पर मसाले से जड़ी-बूटियों को अलग करता है। जड़ी-बूटियां पौधे (या तो ताजा या सूखे) के हरे पत्ते या फूलों वाले हिस्से को संदर्भित करते हैं, जबकि मसाले पौधे के अन्य भागों से (आमतौर पर सूखे) बने होते हैं, जिसमें बीज, छोटे फल, छाल, जड़ और फल शामिल होते हैं। 1.दालचीनी दालचीनी स्वाद में तिखी मिठी होती है। यह ऊष्ण, दीपन, पाचक, मुत्रल, कफनाशक, स्तंभक गुणधर्मो वाली जड़ी-बूटी है।यह मन की बेचैनी कम करती है, यकृत के कार्य में सुधार लाती है और स्मरण शक्ती बढाती है। 2.अदरक अदरक तीखी और स्वाद में उग्र, तथा उष्ण और तेज गुणो वाली है। अदरक पाचक, सारक,अग्निदीपक,वेदनाशामक,कामोत्तेजक और स्वादिष्ट होती है. वायू और कफ का नाश करता है। अदरक का उष्मांक मूल्य 67 है। 3.करी पत्ता कढ़ीपत्ते सुगंधित और बहुमुखी छोटे पत्ते होते हैं जो कि एक साधारण से व्यंजन जैसे ऊपमा या पोहा को भी अत्यंत स्वादिष्ट बना सकते हैं। कढ़ी पत्ते अपने विशिष्ट स्वाद और रूप से भोजन में विशेष प्रभाव डालते हैं और भारतीय भोजन का एक प्रमुख हिस्सा हैं। कड़ी पत्तों का उपयोग चटनी और चूर्ण बनाने में भी किया जाता है जिन्हें हम चावल, डोसा और इडली इत्यादि के साथ प्रयोग करते हैं। 4.धनिया धनिया के पत्ते एक शक्तिशाली प्राकृतिक सफाई तत्व जैसे हैं। शरीर से भारी धातुओं और जहरीले तत्वों को साफ करने के लिए इसका प्रभावी ढंग से उपयोग होता हैं। धनिये का प्रयोग एलर्जी, मूत्राशय की जलन (मूत्राशय गुजरते समय जलन होती है) और त्वचा से संबंधीत एलर्जी की सूजन का इलाज करने के लिए किया जाता है। इससे जीवन शक्ति में सुधार होता है और दर्द घट जाता है। लोहतत्व और विटामिन ए, बी और सी से भरपूर, इसका भोजन में इस्तेमाल होने पर यह पौष्टिक मूल्य बढ़ाता है। भोजन की पाचनशक्ति बढ़ जाती है 5.लहसुन लहसुन दमा के रोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो सकता है। सांस आसानी से चले, इसलिये लहसुन की एक पंखुडी गर्म करके नमक के साथ खाये। दमा कम होने के लिये एक प्याली गर्म पानी में दो चम्मच शहद और 10 बूंद लहसुन का रस लीजिये। सोने से पूर्व लह्सून की 3 पंखुडीया दुध में उबालकर लेने से रात में दमा की तकलीफ काफी हद तक कम हो सकती है। 6.खजूर खून में लोह की मात्रा कम हो जाने से थकान, घबराहट, दिल की धडकन बढना जैसी तकलीफ होती है। ऐसे में इक्कीस दिन लगातार 4-5 खजूर खाने चाहिये। पुराने एनिमिया में, दिमाग को खून की आपूर्ति कम होती है। जिसके कारण भूलजाना, चक्कर आना, अवसाद आदि लक्षण पाये जाय, तो छः महिने तक आहार में 7-8 खजूर लें। इससे राहत मिलती है। अगर सुबह पेट साफ ना होता हो, तो 5-6 खजूर रात में पानी में भिगोये। सुबह अच्छी तरह खजूर रगडकर वह पानी पिये। खजूर रेचक है। पेट साफ करता है।



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